FRK संकट से जूझता पंजाब: फोर्टिफाइड चावल योजना अटकी, ₹400 करोड़ के नए टेंडर जारी
पंजाब में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत फोर्टिफाइड चावल योजना इस सीजन गंभीर दबाव में आ गई है। फोर्टिफाइड राइस कर्नेल्स (FRK) की भारी कमी के चलते राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक लाख टन FRK की खरीद के लिए करीब ₹400 करोड़ के नए टेंडर जारी किए हैं। इन कर्नेल्स को राज्य की लगभग 5,500 राइस मिलों में प्रसंस्करण के दौरान चावल के साथ मिलाया जाना है।
The Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार, FRK की कमी इतनी गंभीर हो चुकी है कि धान की मिलिंग प्रक्रिया की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। हालात यह हैं कि मिलर्स ने केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से फोर्टिफिकेशन की अनिवार्यता में अस्थायी छूट या कस्टम मिल्ड राइस (CMR) को बिना FRK स्वीकार करने की मांग की, लेकिन अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं मिला है।
पंजाब राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण बंसल ने कहा कि इस बार FRK की उपलब्धता “बेहद खराब” है, जिससे मिलिंग बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि फोर्टिफाइड कर्नेल निर्माता हालात का फायदा उठाकर टेंडर में तय दरों से ज्यादा कीमत वसूल रहे हैं। साथ ही, FSSAI और केंद्रीय मंत्रालय द्वारा टेस्टिंग नियम सख्त किए जाने से भी समस्या और गहराई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राइस मिलर्स का एक प्रतिनिधिमंडल 12 फरवरी को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, खाद्य सचिव और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के चेयरमैन से मुलाकात करेगा, ताकि समाधान निकाला जा सके।
इस सीजन में पंजाब में करीब 105 लाख टन चावल उत्पादन का अनुमान है, जो हालिया बाढ़ और कम पैदावार के चलते पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है। फोर्टिफिकेशन मानकों को पूरा करने के लिए कम से कम एक लाख टन FRK की आवश्यकता बताई जा रही है।
राज्य खाद्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्वीकार किया कि मिलिंग की गति पिछली बार की तुलना में धीमी है, हालांकि पूरी तरह से काम नहीं रुका है। नवंबर में खरीद समाप्त होने के बाद अब तक 25 लाख टन चावल की मिलिंग हो चुकी है।
इसके अलावा भंडारण भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। राज्य में उपलब्ध 180 लाख टन भंडारण क्षमता में से पहले ही अधिकांश गोदाम भरे हैं, जिससे नया चावल मिल परिसरों में रखा जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि मार्च-अप्रैल तक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।
