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Government’s Big Decision: Wheat Stockholding Limits Removed, Market Gets Relief, Pressure on Prices Eases

देश में गेहूं की उपलब्धता सहज रहने और कीमतों में नरमी के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए व्यापारियों, थोक विक्रेताओं और खुदरा कारोबारियों पर लगी भंडारण सीमा हटा दी है। सरकार ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि मौजूदा घरेलू स्टॉक पर्याप्त हैं और बाजार में आपूर्ति की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है।

गौरतलब है कि दुनिया के दूसरे सबसे बड़े गेहूं उत्पादक देश भारत ने मई 2025 में जमाखोरी पर लगाम लगाने और बढ़ती कीमतों को काबू में करने के उद्देश्य से गेहूं भंडारण की सीमा तय की थी। उस समय सरकार को आशंका थी कि बड़े पैमाने पर स्टॉक जमा करने से बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है।

सरकारी बयान के मुताबिक, इस साल गेहूं का भंडार पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है, जिससे आपूर्ति को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं है। हालांकि, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए व्यापारियों, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं को हर सप्ताह अपने स्टॉक की जानकारी सरकार को देनी होगी।

इसके साथ ही सरकार ने निर्यात मोर्चे पर भी नरमी दिखाई है। पिछले महीने नई दिल्ली ने 2022 से लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देते हुए 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं आटा और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि भंडारण सीमा हटने से बाजार में सुचारु आपूर्ति बनी रहेगी, कारोबार को गति मिलेगी और उपभोक्ताओं को स्थिर कीमतों का लाभ मिल सकता है।

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